शनिवार, 8 सितंबर 2018

मांडव (सिटी ऑफ जॉय) एकदिवसीय यात्रा


1 जनवरी 2011 को कोहरे में लिपटी हुई सुहानी सुबह हम सपरिवार मांडव(मांडू) की एकदिवसीय यात्रा पर नये वर्ष का आगाज करने निकले!
मांडव जो विनध्याचल पर्वत श्रंखलाओ में समुद्रतल से  2000 फुट की ऊँचाई पर है जो की 11 वी शताब्दी में परमार राजाओ की राजधानी रहा है
कैसे पहुचे:- मध्यप्रदेश के धार जिले में धार से 30 किलोमीटर तथा
इंदौर से 100 किलोमीटर सड़क मार्ग से जुड़ा है  महू, इंदौर, खण्डवा निकटम रेलवे स्टेशन है इंदौर निकटम हवाई अड्डा है
कब जाए:- जुलाई से मार्च तक का समय सबसे उत्तम है
क्या देखे:- नीलकण्ठ,जहाज महल, हिन्डोला महल, शाही हमाम, जामा मस्जिद, होशंगशाह का मकबरा, रानी रूपमती का महल, बाजबहादुर का महल
मालवा का कश्मीर कहे जाने वाले मांडू (माण्डव) को बसाने का श्रेय परमार राजाओ को जाता है मांडू को खुशियो की नगरी (सिटी ऑफ जॉय) भी कहा जाता है मांडू में मुखयतः चार राजवंशो का कार्यकाल रहा परमार, मुंगलो, सुल्तान एव पंवार वंश,  मांडू अपने आप मे बहुत बड़ा इतिहास छिपाये बेठा है
मालवा की माटी गहन गम्भीर
पग  पग रोटी  डग डग नीर,
की कहावत को चरितार्थ करती मांडू नगरी को निहारने हजारो की संख्या में पर्यटक रोजाना यहां आते है हम लोग 1 जनवरी की सुबह 6 बजे अपने गृहनगर सोनकच्छ जो इंदौर भोपाल राजमार्ग पर देवास से 32 किलोमीटर एव इंदौर से 65 किलोमीटर है से मांडव की और प्रस्थान किया इंदौर से घाटाबिल्लोड, लेबड़ होते हुए धार की और रुख किया धार से कुछ पहले ही मांडू  के लिए रास्ता अलग हो जाता है  इंदौर से धार का रास्ता काफी खराब था जिस वजह से हम लोग लगभग 12.30 बजे मांडू पहुचे!
जामी मस्जि्द


मांडू में सबसे पहले हमने जामी मस्जिद देखी यहां करीब 1 घन्टा रुके इसकी गणना भारत की बड़ी मस्जिदों में की जाती है इसके पीछे ही होशंगशाह का मकबरा है कहते शाहजहाँ ने इसी की तर्ज पर ताज़महल का निर्माण कराया था जामी मस्जिद और होशंगशाह का मकबरा इत्मिनान से देखने और बहुत सारे फोटो निकालने के पश्चात यहां से रानी रूपमती के महल और बाजबहादुर के महल की ओर प्रस्थान किया
बाजबहादुर का महल

 मालवा के अंतिम सुल्तान मियांन बायजीद बाजबहादुर खान जो कि बाजबहादुर के नाम से प्रसिद्ध था  रानी रूपमती और बाजबहादुर की अमर प्रेम कहानी मांडू की फिजाओ में आज भी गूंजती है कहते है रानी नर्मदा दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती थी रानी की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए बाजबहादुर ने रूपमती महल का निर्माण कराया था जहाँ से रानी रोज नर्मदा दर्शन करती थी
बाजबहादुर के महल को देखने के बाद रानी रूपमती के महल के लिए प्रस्थान किया रानी का महल अत्यधिक उचाई पर होने से वहां से अदभुद नजारे दिखाई देते है यहां पर बहुत सारे फोटो निकाले गए रानी का महल देखने के बाद सभी लोगो को जोरो की भूख लगी थी इस हेतु नीलकण्ठ महादेव पर भोजन जो घर से बना कर लाये थे करने का निश्चय हुआ एव नीलकण्ठ महादेव की और रुख किया गया नीलकण्ठ दर्शन के पश्चात वही पर  घर से लाई गई भोजन सामग्री ग्रहण की गई
रानी का महल

एव अगले पड़ाव जहाज महल की और चल दिये हमारा अगला एव अंतिम पड़ाव मांडव का मुख्य आकर्षण जहाज महल था जहां पहुचने पर एक अलग ही आनन्द का अनुभव होता है जहाज महल दो तालाबो के बीच स्थित होने से तालाब के जल में महल जहाज की भांति दिखाई देता है हालांकि तालाब में पानी कम तथा काई युक्त होने से हमे ऐसा कुछ दिखाई नही दिया सबसे ज्यादा  चहल पहल इसी जगह थी यह फोटो निकालने की सर्वोत्तम जगह है यहां आसपास खाने पीने की कई दुकानें एव अन्य सामान की दुकाने भी उपलब्ध थी इसके प्रवेश द्वार के पास ही एक संग्रहालय भी बना है जहाँ मांडू के इतिहास से सम्बंधित कुछ चीजें एव जानकारी उपलब्ध है   महल की छत पर से चारो ओर अत्यंत मनमिहक नजारा दिखाई देता है

जहाज महल के पास ही हिंडोला महल स्थित हैं हिंडोला महल का शाब्दिक अर्थ है झूलती जगह जिसका उपयोग दरबार के रूप में किया जाता था जहाँ राजा बैठकर प्रजा की समस्या सुनते थे इस महल की बाहरी दीवारे 77 डिग्री  पर झुकी हुई है इसलिए भी इसे हिंडोला महल कहते है पास ही स्थित शाही हमाम एव चम्पा बावड़ी भी देखी अपनी इस एकदिवसीय यात्रा का सर्वाधिक समय जहाज महल और इसके आसपास के स्थान देखने मे ही बीता अब घड़ी में समय शाम के साढे पांच का हो चुका था जहाज महल से बाहर आकर  स्वल्पाहार किया एवं घर की और प्रस्थान किया रास्ते मे एक अच्छे से हॉटल पर रात्रि भोज किया एव लगभग 10 बजे घर पहुंचे और इस यादगार यात्रा को पूर्णविराम दिया!














2 टिप्‍पणियां:

  1. मैं अभी तक यहां नहीं गया हूँ,
    शीघ्रातिशीघ्र यहां की योजना बन रही है।
    बढिया लेख।
    अपनी यादों को इसी प्रकार संजोते रहे।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपकी यात्रा जल्द पूर्ण हो ब्लाग पर आकर उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद

      हटाएं