20 मार्च विश्व गोरैया दिवस है हमारे घर आंगन में फुदकने वाला ये पक्षी अब कम ही दिखता है कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग, मोबाइल टावरों से निकलने वाली विकिरण, कंक्रीट के मकान, बढ़ता प्रदूषण, गोरैया की सँख्या में कमी का प्रमुख कारण है
इस पक्षी को बचाने के लिए हम सब मिलकर कोशिश करे हम अपने घरों के आस पास इसके लिए दाना पानी की व्यवस्था करे, छतों खिड़कियी में लकड़ी के छोटे बॉक्स या मिट्टी की छोटी सुराही रखे जिसमे ये पक्षी अपना घोंसला बना सके!
गोरैया के संरक्षण में हम सब अपना योगदान प्रदान करे, नही तो एक दिन हम अपने बच्चो को सिर्फ कविताओं में ही "चु चु करती आई चिड़िया", "एक चिड़िया अनेक चिड़िया" पढ़ाएंगे
आने वाली पीढ़ी इस पक्षी के दर्शन से वंचित रह जायेगी
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